कागजी बिछोने पर योजनाये सोती है ,
समस्याए हल सिर्फ टेबलों पर होती है ,
फाइलो की भीड़ में बंद पड़ी है नहरे ,
खड़ी फसल खेतो में पानी को रोटी है ,
दूर खडा बच्चा रोटी को तरसता है ,
इकोनोमी क्लास का नाटक करने वाला नेता ऐ /सी कार में शीशे बंद करके सोता है ,
राहुल, सचिन , उमर राजनीति करे ये उनकी बपोती है ,
आम आदमी को कुछ मत कहो थरूर साहब ,
उसकी तो तकदीर ही कहा
होती है .........
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